जब रवि जी ने बताया कि भोमियो में अब प्रोक्सी सर्वर के द्वारा बहुत सी भाषाओं मे‍ लिप्यांतर की सुविधा है तो बहुत से चिट्ठाकारों ने अपने अपने चिट्ठे मे‍ लिप्यां‍तर का कोड लगा दिया.इसे लगाने में देर मैने भी नहीं की और अपने ब्लॉगस्पॉट वाले चिट्ठे पर इसे लगा दिया.blogspot_capture.jpg तब तो लगा नहीं‍ कि इससे कुछ लाभ भी होगा लेकिन चुंकि रवि जी कह रहे थे कि ये बड़े काम की चीज है तो इसे लगा ही दिया.आज उसका पहला लाभ पता चला. जब मेरी सात दिन पहले लिखी हुई पोस्ट पर उड़िया भाषा में एक टिप्पणी मिली.

” ବହୁତ ସୁନ୍ଦର ବ୍ଲୋଗ୍ ଟିଏ କରିଛନ୍ତି. ଯାହା ହେଉ ଓଡିଆ ଲିପିରେ ଏହାକୁ ପ୍ରକାଶନ କରିଥିବାରୁ ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଅଶେଷ ଧନ୍ୟବାଦ ଜଣାଉଛି. ଏହାର ଅନୁକରଣ କରି ଆପଣ ଏକ ଓଡିଆ ଭାଷାରେ ବ୍ଲଗ୍ ଟିଏ ନିର୍ମାଣ କଲେ ପ୍ରୀୟ ଓଡିଆ ଭାଇ ଭଉଣୀ ମାନେ ଆପଣଙ୍କ ଉପରୋକ୍ତ ସୁନ୍ଦର ହସକଥା ଗୁଡିକର ମଜା ନେଇ ପାରିବେ.
ଧନ୍ୟବାଦ
ବନ୍ଦେ ଉତ୍କଳ ଜନନୀ ”

हिन्दी में लिप्यांतर किया तो कुछ ऎसा था.

” बहुत सुन्दर ब्लोग् टिए करिछन्ति. याहा हेउ ओडिआ लिपिरे एहाकु प्रकाशन करिथिबारु मुँ आपणङ्कु अशेष धन्य़बाद जणाउछि. एहार अनुकरण करि आपण एक ओडिआ भाषारे ब्लग् टिए निर्माण कले प्रीय़ ओडिआ भाइ भउणी माने आपणङ्क उपरोक्त सुन्दर हसकथा गुडिकर मजा नेइ पारिबे.
धन्य़बाद
बन्दे उत्कळ जननी”

मैं बहुत ज्यादा उड़िया तो नहीं जानता लेकिन जितना जानता हूँ उससे लगता है कि मेरे उड़िया पाठक कहना चाहते हैं कि

” आपने बहुत सुन्दर चिट्ठा बनाया है. इसका उड़िया भाषा में प्रकाशन किया इस हेतु मेरा धन्यवाद . ..इसी का अनुकरण कर ….(आगे समझ नही आता) …इस सुन्दर व्य‍ंग्य को पढकर मजा आया.”

तो ये है भोमियो का फायदा. इसलिये जिन्होने अभी तक इसे नहीं लगाया है इसे जल्दी से लगा लें …

Advertisements